Friday, March 18, 2011

हिंदी मेरी राष्ट्रभाषा

हिंदी
मेरी जान है
यह हमारी
राष्ट्र भाषा
मेरे देश की शान है
रहते हो कहीं भी
हमारी
यही पहचान है
है देश की
प्राणमयी भाषा 
यही
हमारी आन है
अग्रसर है
विश्वभाषा बनने को
यही हमारा
मान है
वाहक ये संस्कृत की
दर्पण ये साहित्य समाज की
यही हमारा अभिमान है
तन-मन प्राणों से प्यारी
हम सबका सम्मान है।

4 comments:

  1. आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार (19.03.2011) को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये......"ॐ साई राम" at http://charchamanch.blogspot.com/
    चर्चाकार:Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)

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  2. एकदम है हिंदी हमारी पहचान..
    हिंदी हमारी मातृभाषा है मात्र एक भाषा नहीं ..

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  3. आनंद आ गया , शुभकामनायें स्वीकार करें !!

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