Saturday, September 25, 2010

हसरत

कितनी हसरत थी
प्यार में खो जाने की

कितनी हसरत थी
प्यार में डूब जाने की

कितनी हसरत थी
प्यार को अपना बनाने की

कितनी हसरत थी
प्यार को पवित्र बनाने की

कितनी हसरत थी
प्यार को खुदा बनाने की

1 comment:

  1. pyar hi tou khuda hota,
    tabi tou hum se judaa hota hai,

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