Wednesday, April 17, 2013

अपनी रक्षा खुद करनी है अपने भीतर हिम्मत पैदा करके


  • बहुत सी ऐसी बातें हैं जो बच्चे अपने मम्मी पापा से नहीं कह पाते .समाचार पत्रों में में बहुत सी ऐसी घटनाएँ , महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों के बारे में हम पढ़ते हैं दामिनी केस के बारे में भी टी वी पर देखा होगा .आज बहुत जरूरी हो गया है कि हम लोग जानकारी रखें कि हमें किस तरह इन दुर्घटनाओं से बच सकते हैं
    बहुत से लोग गलत यौन भावनाओं से महिलाओं को देखते हैं .आज के समय में ये दुर्घटनाएं घरों में, अपने आस पास भी घटित होती हैं और अक्सर घरों के परिचित लोग भी मौके का फायदा उठा कर गलत काम करते हैं .इसलिए जरूरी है कि हम लोग कुछ एहतियात बरतें अपनी रोज़ की जिंदगी में
    बच्चे जब बड़े होते हैं तो उनके शरीर में बदलाव भी होते हैं लड़कियों को पीरियड आना शुरू हो जाते हैं १२ से १४ साल की आयु तक और लड़कों में भी शारीरिक और मानसिक बदलाव होते हैं .आप क्या क्या एहतियात बरतें जिससे कि आप किसी यौन दुर्घटना के शिकार ना हों मैं आपको कुछ उपाय बताना चाहूंगी
    १ज़ब आप घर में अकेले हों तो कभी भी किसी अजनबी के लिए दरवाज़ा न खोलें ,वो चाहे ढूध वाला हो ,अखबार वाला हो , केबल वाला हो , आपका पडोसी या कोई भी खासकर पुरुष .वह आप पर हमला करके आपको अपना शिकार बना सकता है .आप मैजिक आई से देखें यां आवाज़ को पहचानिए .आश्वस्त होने के पश्चात ही दरवाज़ा खोलें
    २. स्कूल जाते या आते हुए किसी भी अज़नबी से लिफ्ट न लें और बहकावे में आकर किसी की गाडी में ना बैठें .ऐसा करने से आप सुरक्षित रहेंगे
    ३. जब आप स्कूल वैन से सफ़र करें तब कोशिश करें कि अगली सीट पर लड़कों को बैठने दें और ड्राईवर से दूरी बना कर रखें ड्राइवर से कभी भी घर की बातें न करें और ना ही कभीअकेले में उसके साथ को खाने की कोई चीज़ कहें जब भी एकेले में कहीं भी सफ़र पर जाएँ तो भूल कर भी किसी के साथ भी कोई भी खाने वाली चीज़ ना खाएं हो सकता है आपको कोई नशे की वस्तु खिला कर आपके साथ गलत काम करें यदि आप वैसे भी किसी बस में ऑटो में सफ़र करें ये बात हमेशां ध्यान में रखें की बस ऑटो भरी हुई हो और उस में औरतें भी बैठी हुई हों ये बात ख़ास कर रात के सफ़र में जरूर ध्यान में रखे चाहे आप अकेली हों या किसी के साथ भी हों हमेशां भरी बस में ऑटो में ही सफ़र करने की कोशिश करें
    ४. कभी भी अपने दोस्तों के साथ अन्जान जगहों पर बिना घर में बताये ना जाएँ तांकि किसी भी देर की स्थिति में आपको ढूँढा जा सके
    ५. यदि आप कभी ऐसी स्थिति में फंस जाएँ तो आपके नाखून और दांत बड़े हथियार बन सकते हैं ऐसी स्थिति से बचने के लिए उस बुरे व्यक्ति की आँखों में अंगुलियाँ घुसेड दें और दांतों से उसको कटाने की कोशिश करें तांकि आप बच सकें आप अपने हाथ को से उसके नाक के उपरी भाग पर वार कर के भी बच सकते हैं . आप उसके निचले भाग की जगह यानि दोनों टांगों के बीच जोर से अघात करें और अपना बचाव करें .
    ६. यदि रास्ते में कोई आपसे बतमीजी करे तो तुरंत शोर मचाकर लोगों को इकठ्ठा करें और उसका विरोध करें याद रखें विरोध ही बचाव का तरीका है
    ७. कोई भी बात अपने घर वालों से ना छिपायें छेड़छाड़ करने वालों की शिकायत अपने माता पिता टीचर से जरूर करें . कभी भी शर्म ना करें क्यूंकि लोग इसी बात का फायदा उठाते हैं
    ८. कभी भी किसी भी बुरी स्थिति में अपनी हिम्मत मत हारिये डट कर ऐसे बुरे इंसानों का मुकाबला कीजिये मरने से मत दरिये क्यूंकि मरना तो सब को एक दिन है ही इज्ज़त से बढ़कर कुछ नहीं एक कहावत है' परमात्मा उसकी सहायता करता है जो अपनी सहायता आप करे ' तो अपने अपनी रक्षा खुद करनी है अपने भीतर हिम्मत पैदा करके
    अंत में मैं एक बात पिता से कहना चाहती हूँ कि वो अपने बच्चों के दोस्त बनें उनके मन में आपका कोई खौफ न हो तांकि वो अपनी हर बात बिना कोई दर आपको बता सकें साथ ही बहुत छोटे बचों का ध्यान रखें हर समय उनको आपकी ज्यादा जरूरत है

1 comment:

  1. सार्थक प्रस्तुति . हार्दिक आभार नवसंवत्सर की बहुत बहुत शुभकामनायें हम हिंदी चिट्ठाकार हैं

    BHARTIY NARI
    PLEASE VISIT .

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