Monday, December 19, 2011

बलात्कार

घुटी - घुटी सी सिसकियाँ 
दर्द से बेहाल बदन 
छोटी सी वो बच्ची 
एक हैवान की
हैवानियत का शिकार
हुई
पीड़ा से बिलबिलाती
हुई
मानसिक अघात
सहती
एक नन्ही कली
रौंद दी गई
एक बगिया का
फूल बनने से
पहले ही
मुरझा गई
क्या मिला उस
हैवान को ?
एक मासूम बच्चपन
को मिटाके ???????

2 comments:

  1. हवस के आगे कुछ नहीं दिखता ..मार्मिक प्रस्तुति

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