Monday, October 17, 2011

इश्क़ है तो इश्क़ का इज़हार होना चाहिए !!

प्यार है तो यार पे ऐतबार होना चाहिए !
इश्क़ है तो इश्क़ का इज़हार होना चाहिए !!

हम को जो कुछ भी मिला अपने मुकद्दर से मिला !
अपनी किस्मत पे हमें ऐतबार होना चाहिए !!

जिस तरहां हम को मुहब्बत दे रहा है वो खुदा !
हम को भी इन्सानिअत से प्यार होना चाहिए!!

जिस तरह मेरे ज़ेहन में और कोई भी नहीं !
दिल में उस के भी मेरा ही प्यार होना चाहिए!!

खिलखिलाए मुस्कुराए खुश रहे हर इक जहां !
ऐसा सुन्दर भी कोई संसार होना चाहिए !!

बहुत पीछे ले गया है " ज्योति " मेरे देश को !
अब तो भृष्टाचार से इनकार होना चाहिए!!

6 comments:

  1. वाह वाह बहुत सुन्दर रचना दिल को छू गया हर शेर्।

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  2. शानदार प्रस्तुति ....समय मिले कभी तो आयेगा मेरी पोस्ट पर आपका स्वागत है
    http://mhare-anubhav.blogspot.com/2011/10/blog-post_18.html

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  3. प्यार है तो यार पे ऐतबार होना चाहिए !
    इश्क़ है तो इश्क़ का इज़हार होना चाहिए !!अति सुन्दर.....

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  4. सार्थक रचना, सुन्दर प्रस्तुति के लिए बधाई स्वीकारें.



    "शुभ दीपावली"
    ==========
    मंगलमय हो शुभ 'ज्योति पर्व ; जीवन पथ हो बाधा विहीन.
    परिजन, प्रियजन का मिले स्नेह, घर आयें नित खुशियाँ नवीन.
    -एस . एन. शुक्ल

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  5. प्यार है तो यार पे ऐतबार होना चाहिए !
    इश्क़ है तो इश्क़ का इज़हार होना चाहिए !!

    हम को जो कुछ भी मिला अपने मुकद्दर से मिला !
    अपनी किस्मत पे हमें ऐतबार होना चाहिए !!...

    laajwaabbbbb..

    jai hind jai bharat

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